Black Friday’ on Dalal Street February 27 2026 दलाल स्ट्रीट पर ‘ब्लैक फ्राइडे’ भारतीय शेयर बाजार के लिए शुक्रवार, 27 फरवरी 2026 का दिन बेहद निराशाजनक साबित हुआ।
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन बाजार में चौतरफा बिकवाली की आंधी देखने को मिली, जिसने आम निवेशकों की नींद उड़ा दी है। इस भारी गिरावट के कारण बीएसई सेंसेक्स 961 अंक लुढ़ककर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 25,200 के अहम सपोर्ट स्तर को तोड़ते हुए नीचे आ गया।
बाजार में इस भयंकर गिरावट के मुख्य कारण क्या रहे? Black Friday’ on Dalal Street February 27 2026

शेयर बाजार में आई इस भारी गिरावट के पीछे केवल घरेलू कारण नहीं, बल्कि ग्लोबल संकेत भी मुख्य रूप से जिम्मेदार रहे। आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, इस बिकवाली के तीन प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं: अमेरिकी बाजार में उथल-पुथल: अमेरिका में महंगाई के ताजा आंकड़े उम्मीद से ज्यादा गर्म रहे हैं। इसके साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों के वैल्युएशन से जुड़ी चिंताओं के कारण अमेरिकी शेयर बाजारों (खासकर नैस्डैक और डाउ जोंस) में भारी गिरावट दर्ज की गई। इसका सीधा नकारात्मक असर भारतीय बाजारों के निवेशकों के मनोबल पर पड़ा।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की निकासी: विदेशी निवेशकों ने भारतीय इक्विटी बाजार से लगातार अपना पैसा निकाला है। इस बिकवाली के कारण विशेष रूप से आईटी (IT) और बैंकिंग सेक्टर के दिग्गज शेयरों पर सबसे अधिक दबाव देखने को मिला।
घरेलू बाजार में भारी मुनाफावसूली: पिछले कुछ दिनों से बाजार एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा था। वैश्विक अनिश्चितता को देखते हुए निवेशकों ने महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति सुजुकी और एचडीएफसी बैंक जैसे बड़े शेयरों में जमकर मुनाफावसूली की, जिससे मुख्य इंडेक्स धड़ाम हो गए।
आम निवेशकों की बचत (Savings) और कमाई पर सीधा असर Black Friday’ on Dalal Street February 27 2026
इस एक दिन की गिरावट में शेयर बाजार के निवेशकों की लगभग 5 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति स्वाहा हो गई। जो खुदरा निवेशक अपनी मेहनत की कमाई और जीवन भर की बचत को भविष्य सुरक्षित करने के लिए शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में लगा रहे हैं, उनके पोर्टफोलियो में इस समय भारी लाल निशान हावी है।
क्रिप्टोकरेंसी मार्केट (Cryptocurrency Market) का भी बुरा हाल
जो निवेशक शेयर बाजार के जोखिम से बचने के लिए क्रिप्टोकरेंसी की ओर रुख करने की सोच रहे हैं, उनके लिए भी राह आसान नहीं है। ग्लोबल मार्केट में छाई मंदी के कारण डिजिटल करेंसी मार्केट से भी भारी मात्रा में पूंजी की निकासी हुई है।

बिटकॉइन समेत कई प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी पिछले कुछ हफ्तों से लगातार दबाव में ट्रेड कर रही हैं। इसके अलावा, भारत में क्रिप्टो ट्रेडिंग पर लगने वाले 30% फ्लैट टैक्स और 1% टीडीएस (TDS) के नियमों में सरकार द्वारा कोई राहत न दिए जाने के कारण, भारतीय निवेशकों के लिए यहां से स्थिर मुनाफा कमाना (Earning) और भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
गिफ्ट सिटी (GIFT City) से आई एक ऐतिहासिक और सकारात्मक खबर
भले ही शेयर बाजार में हाहाकार मचा हो, लेकिन इसी दिन वित्तीय जगत से एक बड़ी सकारात्मक खबर भी आई। 27 फरवरी 2026 को आधिकारिक घोषणा की गई कि गुजरात के गिफ्ट सिटी (IFSC) में भारत का पहला अंतरराष्ट्रीय पब्लिक इश्यू (IPO) लॉन्च होने जा रहा है।
6 मार्च को एक कंपनी अपना 12 मिलियन डॉलर का आईपीओ लेकर आ रही है। यह भारतीय वित्तीय परिदृश्य को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
आगे की राह: अनिश्चितता के बीच निवेशक क्या करें? शेयर बाजार के दिग्गज विश्लेषकों का सुझाव है कि घबराहट में आकर अपने अच्छे शेयर बेचने से बचें। लंबी अवधि का नजरिया रखें: अगर आपने मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों के शेयर खरीदे हैं, तो इस गिरावट के दौर में संयम बनाए रखें।
सुरक्षित सेक्टर्स चुनें: मौजूदा ग्लोबल अनिश्चितता के बीच एफएमसीजी (FMCG), फार्मा और पीएसयू (PSU) जैसे सुरक्षित माने जाने वाले सेक्टर्स पर अपना ध्यान केंद्रित करें। सिस्टेमैटिक निवेश (SIP) जारी रखें: एक मुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय, हर महीने अपनी छोटी-छोटी बचत को निवेश करते रहें, ताकि बाजार के निचले स्तरों पर आपको अच्छी खरीदारी का फायदा मिल सके। यह बाजार क्रैश निवेशकों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि निवेश हमेशा अपने वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखकर ही करना चाहिए।
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